Sat. May 23rd, 2026

नए वोटर आईडी और नाम संशोधन पर अस्थायी रोक, 15 सितंबर के बाद मिलेगी राहत

देहरादून: उत्तराखंड में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया है। अब न तो नए वोटर जोड़े जा सकेंगे और न ही किसी का नाम हटाया जा सकेगा। यह रोक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। हालांकि इस दौरान नए वोटर बनाने, नाम कटवाने या संशोधन समेत सभी तरह के आवेदन किए जा सकेंगे, लेकिन उन पर कार्रवाई 15 सितंबर के बाद ही होगी।

राज्य में एसआईआर की शुरुआत 29 मई से होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से प्रदेश स्तर का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है, जबकि जिला स्तर पर प्रशिक्षण सात जून तक होंगे। इसके बाद आठ जून से सात जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और उन्हें भरवाकर वापस जमा करेंगे।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार एसआईआर की पूरी अवधि में मतदाता सूची रीड ओनली मोड में रहेगी। यानी इस दौरान ऑनलाइन पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन एप या एनवीएसपी के जरिए किए गए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के आवेदन डेटाबेस में तुरंत अपडेट नहीं होंगे।

फ्रीज की अवधि में नए वोटर आईडी कार्ड की प्रिंटिंग और डिलीवरी भी अस्थायी रूप से बंद रहेगी, क्योंकि मतदाता डाटा में संशोधन का कार्य जारी रहेगा। साथ ही बीएलओ और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के स्तर पर सामान्य दिनों की तरह आवेदनों को मंजूर या खारिज करने की प्रक्रिया भी रुकी रहेगी।

यदि कोई मतदाता एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित हुआ है और तुरंत पता बदलवाना चाहता है, तो वह भी 15 सितंबर तक संभव नहीं होगा। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित होने के बाद सभी लंबित आवेदनों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *