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तांगत्से के पास क्रैश हुआ आर्मी चॉपर, तीनों अधिकारी बाल-बाल बचे

लद्दाख: ऊंचे पहाड़ी इलाके लेह से बड़ी खबर सामने आई है। लेह के दक्षिण-पूर्व में स्थित तांगत्से के पास भारतीय सेना का एक ‘चीता’ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सेना की 3 डिवीजन, जिसे ‘त्रिशूल डिवीजन’ के नाम से भी जाना जाता है, के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) समेत तीन सैन्य अधिकारी बाल-बाल बच गए। हादसा बुधवार को हुआ था, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसकी जानकारी शनिवार को सार्वजनिक की गई। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक हेलीकॉप्टर में सवार सभी अधिकारियों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत सुरक्षित है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं।

यह दुर्घटना भारतीय सेना के पुराने हो चुके चीता और चेतक हेलीकॉप्टर बेड़े से जुड़े जोखिमों को एक बार फिर सामने लाती है। सेना आने वाले वर्षों में इन हेलीकॉप्टरों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के आधुनिक लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) शामिल करने की तैयारी में है। सेना उड्डयन कोर के आधुनिकीकरण अभियान के तहत यह बदलाव किया जा रहा है।

1971 में सेना में शामिल किया गया चीता हेलीकॉप्टर लंबे समय से हिमालयी इलाकों में सेना की रीढ़ माना जाता रहा है। यह हेलीकॉप्टर सैनिकों और सामान की ढुलाई, तोपखाने के लिए निगरानी, जासूसी और एयर एम्बुलेंस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में इस्तेमाल होता रहा है। खासकर सियाचिन और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में यह सेना के लिए जीवनरेखा साबित हुआ है।

18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में उड़ान भरना चीता हेलीकॉप्टर के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। पतली हवा के कारण रोटर की क्षमता और इंजन की ताकत कम हो जाती है, जिससे संचालन कठिन हो जाता है। इसके बावजूद सेना की कई दूरदराज चौकियों तक जरूरी सामान और जवान पहुंचाने का जिम्मा लंबे समय से यही हेलीकॉप्टर निभा रहा है।

अब HAL का लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर सेना की नई ताकत बनने जा रहा है। यह हेलीकॉप्टर बेहद ऊंचाई और कठिन मौसम में संचालन के लिए तैयार किया गया है। शक्तिशाली इंजन से लैस LUH 21,300 फीट तक उड़ान भर सकता है और दुनिया के सबसे ऊंचे हेलीपैड पर उतरने की क्षमता रखता है। 3 टन श्रेणी का यह हेलीकॉप्टर दो क्रू सदस्यों के साथ छह सैनिकों को ले जा सकता है। इसमें डिजिटल ग्लास कॉकपिट, नाइट विजन सिस्टम और मेडिकल इमरजेंसी से लेकर जासूसी तथा वीआईपी मिशन तक के लिए आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।

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