UPPSC-RPSC ने जारी किए फाइनल रिजल्ट, UKPSC अब भी पीछे
देहरादून: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि आयोग इंटरव्यू समाप्त होने के कई दिनों बाद भी अंतिम परिणाम जारी नहीं कर पा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जहां अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोग तेजी से परिणाम घोषित कर रहे हैं, वहीं उत्तराखंड में चयन प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी खिंचती जा रही है। इससे न केवल उम्मीदवारों का मानसिक दबाव बढ़ रहा है, बल्कि उनके भविष्य की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
प्रतियोगी छात्रों ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और राजस्थान लोक सेवा आयोग ने इंटरव्यू समाप्त होने के एक सप्ताह के भीतर ही अंतिम परिणाम जारी कर दिए। इसके विपरीत उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में इंटरव्यू खत्म हुए करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया है। इस देरी को लेकर छात्रों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की ओर से परिणाम जारी करने को लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं है। न ही आयोग की तरफ से यह बताया जा रहा है कि आखिर परिणाम में देरी क्यों हो रही है। इससे उम्मीदवार खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। कई छात्रों ने कहा कि महीनों तक कठिन तैयारी, लिखित परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया से गुजरने के बाद जब अंतिम परिणाम समय पर जारी नहीं होता, तो उनका धैर्य टूटने लगता है।
प्रतियोगियों का आरोप है कि आयोग की यह कार्यशैली उसकी जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों पर सवाल खड़े करती है। उनका कहना है कि एक संवैधानिक संस्था होने के नाते आयोग को चयन प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी करनी चाहिए। यदि अन्य राज्यों के आयोग कम समय में परिणाम जारी कर सकते हैं, तो उत्तराखंड में देरी का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि परिणाम में देरी का सीधा असर उनके करियर और निजी जीवन पर पड़ रहा है। कई उम्मीदवार अन्य परीक्षाओं की तैयारी, नौकरी के अवसर और आगे की योजनाओं को लेकर असमंजस में हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि लंबे इंतजार के कारण मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। परिवारों पर भी इसका असर पड़ रहा है क्योंकि चयन की उम्मीद में छात्र लंबे समय से भविष्य की दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं।
छात्रों ने आयोग से मांग की है कि अंतिम परिणाम जल्द जारी किया जाए और भविष्य में परीक्षाओं एवं परिणामों के लिए एक निश्चित कैलेंडर लागू किया जाए। उनका कहना है कि आयोग को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक चरण की समयसीमा सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि उम्मीदवारों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
प्रतियोगी अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आयोग समयबद्ध तरीके से परिणाम जारी नहीं करता, तो युवाओं का भरोसा संस्थाओं से कमजोर होने लगता है। उन्होंने सरकार और आयोग से अपील की है कि उम्मीदवारों की परेशानियों को गंभीरता से समझा जाए और चयन प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाया जाए।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि आयोग इंटरव्यू समाप्त होने के कई दिनों बाद भी अंतिम परिणाम जारी नहीं कर पा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जहां अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोग तेजी से परिणाम घोषित कर रहे हैं, वहीं उत्तराखंड में चयन प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी खिंचती जा रही है। इससे न केवल उम्मीदवारों का मानसिक दबाव बढ़ रहा है, बल्कि उनके भविष्य की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।