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उत्तराखंड को पूंजीगत निवेश हेतु 615 करोड़ की सहायता, बाकी सुधारों पर निर्भर

देहरादून :  मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य को विशेष सहायता योजना “स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI)” 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित पूंजीगत निवेश कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान योजना के टाइड और अनटाइड दोनों मदों से संचालित विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित सुधार कार्यक्रमों को तेजी से लागू करें ताकि योजना के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि का राज्य हित में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने खनन, परिवहन, शहरी विकास, आवास, वित्त, राजस्व, कृषि समेत विभिन्न विभागों को एक सप्ताह के भीतर SASCI योजना के अंतर्गत कार्यों का रोड मैप एवं टाइमलाइन सहित कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से उन कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा जो शीघ्रता से पूरे किए जा सकते हैं और राज्य के लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, जिन विभागों ने योजना के अंतर्गत विकास कार्य पूरे कर लिए हैं, उन्हें तुरंत उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

खनन क्षेत्र में सुधार को लेकर खनन विभाग को माइनर मिनरल्स पॉलिसी निर्माण, दुर्लभ व परमाणु संयंत्रों में उपयोगी खनिजों का सर्वेक्षण, स्टार रेटिंग सिस्टम और खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

परिवहन विभाग को पुराने वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट डिवाइसेज जैसे ई-चालान जनरेशन, ऑनलाइन चालान निपटान और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को शीघ्र लागू करने को कहा गया।

राजस्व विभाग और संबंधित विभागों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधार जैसे भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, डिजिटल फसल सर्वेक्षण, वन कृषक आईडी और राजस्व न्यायालयों के डिजिटलीकरण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

वित्त एवं नियोजन विभाग को राज्य की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के आधुनिकीकरण, डिजिटलीकरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की प्रगति को बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

नियोजन विभाग ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में राज्य को अनटाइड फंड के रूप में 615 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जबकि अन्य धनराशि की प्राप्ति केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सुधारात्मक कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेगी।

इस बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, शैलेश बगौली, रविनाथ रमन, पंकज कुमार पांडे, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. एस. एन. पांडे, दीपक कुमार, अपर सचिव स्वाति भदोरिया, और उत्तराखंड जल विद्युत निगम के एमडी संदीप सिंघल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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