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अमरनाथ यात्रा: चंद्रकोट में बड़ा हादसा, तीर्थयात्रियों की पांच बसों की टक्कर से मचा हड़कंप

शनिवार सुबह जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में अमरनाथ यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों की पांच बसों की आपस में टक्कर हो गई, जिसमें कम से कम 36 यात्रियों को मामूली चोटें आईं। हादसा सुबह करीब 8 बजे चंद्रकोट लंगर स्थल के पास उस समय हुआ जब जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहलगाम की ओर जा रही बसों में से एक का अचानक ब्रेक फेल हो गया और वह आगे चल रही चार अन्य बसों से जा टकराई। सभी बसें भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुए काफिले का हिस्सा थीं।

रामबन के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद अलयास खान ने बताया कि हादसे के बाद सभी घायलों को पास के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती किया गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य पाई गई। प्रशासन द्वारा घायलों की आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था भी तत्काल कर दी गई ताकि तीर्थयात्रा बाधित न हो।

इस बीच, अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी तरह से सक्रिय बनी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को यात्रा का चौथा जत्था जम्मू के भगवती नगर शिविर से रवाना हुआ, जिसमें कुल 6,979 श्रद्धालु शामिल थे। इस जत्थे में 5,196 पुरुष, 1,427 महिलाएं, 24 बच्चे, 331 साधु-साध्वी और एक ट्रांसजेंडर तीर्थयात्री शामिल है। तीर्थयात्रियों को दो मार्गों—पारंपरिक पहलगाम और तीव्र ढलान वाले बालटाल मार्ग से रवाना किया गया। पहलगाम रूट से 4,226 श्रद्धालु 161 वाहनों में और बालटाल रूट से 2,753 श्रद्धालु 151 वाहनों में यात्रा पर निकले।

उधर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को जानकारी दी कि अमरनाथ यात्रा के पहले दो दिनों में ही 20,000 से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। बालटाल आधार शिविर में तीर्थयात्री निवास परिसर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा को लेकर पूरे केंद्र शासित प्रदेश में उत्सव और श्रद्धा का वातावरण है। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने डिजिटल माध्यम से भाग लिया और यात्रा की व्यवस्थाओं की सराहना की।

प्रशासन द्वारा तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए हैं, फिर भी बस हादसे जैसे घटनाएं चिंताजनक हैं। अधिकारियों ने अपील की है कि वाहन चालक विशेष सतर्कता बरतें और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें ताकि इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न किया जा सके।

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