Thu. Jun 25th, 2026

एसआईटी जांच के दायरे में अयोध्या भूमि सौदे, संजय सिंह बोले- कार्रवाई का इंतजार

अयोध्या : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh गुरुवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच समिति के प्रमुख  के समक्ष पेश हुए। इस दौरान उन्होंने अयोध्या में जमीन खरीद से जुड़े कथित घोटाले के दस्तावेज और साक्ष्य एसआईटी को सौंपे।

मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के नाम पर बड़े स्तर पर भूमि खरीद घोटाला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि चार करोड़ रुपये की जमीन कुछ ही दिनों बाद आठ करोड़ रुपये में खरीदी गई और इस पूरे प्रकरण में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका रही है।

संजय सिंह ने कहा कि कथित महाघोटाले से जुड़े सभी दस्तावेज एसआईटी को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच समिति ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा, “अब देखना यह है कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है।”

इस बीच एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट से जुड़े कुछ तथ्यों ने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2020 में ट्रस्ट के गठन के कुछ ही महीनों बाद एक निजी ऑडिट फर्म ने दान प्रबंधन, आभूषणों के रिकॉर्ड, वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर संकेत करते हुए सुधार की सिफारिश की थी।

रिपोर्ट में कहा गया था कि वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक अभिलेखों का अभाव है तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था मौजूद नहीं है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में भी चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े गंभीर सवाल सामने आए हैं। ऐसे में छह वर्ष पुरानी ऑडिट रिपोर्ट जांच का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

ऑडिट फर्म ने ट्रस्ट को चेतावनी दी थी कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अभाव में वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना मुश्किल होगा। रिपोर्ट में लेन-देन, डेटा प्रबंधन, मानव संसाधन और रिकॉर्ड संधारण के लिए विस्तृत एसओपी लागू करने की सिफारिश की गई थी।

फर्म ने दान और आभूषणों के रिकॉर्ड को लेकर सबसे गंभीर टिप्पणियां की थीं। रिपोर्ट के अनुसार नकदी के अलावा प्राप्त होने वाले दान के लिए समुचित स्टॉक रजिस्टर और निगरानी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए था। इसके अलावा बैंक समन्वय, वित्तीय निगरानी, प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता, डेटा सुरक्षा और आईटी नियंत्रण को लेकर भी चिंताएं जताई गई थीं। रिपोर्ट में संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा, डेटा एंट्री की निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए मजबूत नियंत्रण व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई थी।फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है और उसकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *