शामली धर्मांतरण प्रकरण में नया मोड़, आयुष मलिक की घर वापसी की चर्चा
शामली : शहर के दवा कारोबारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष मलिक ने सनातन वैदिक परंपराओं को पुनः अपनाने का दावा किया है। इस संबंध में बघरा स्थित योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि आयुष ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म में वापसी की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें आयुष अपने घर के मंदिर में पूजा-अर्चना करते और परिजनों का आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं।
गौरतलब है कि इस मामले ने जून माह की शुरुआत में उस समय तूल पकड़ लिया था, जब आयुष के पिता एवं केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक ने शहर कोतवाली में धर्म परिवर्तन कराने और कथित साजिश के आरोप में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके पुत्र को प्रेमजाल में फंसाकर फर्जी निकाहनामा तैयार कराया गया और धर्म परिवर्तन कराया गया।
मामले के सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। स्वामी यशवीर महाराज ने भी प्रशासन से आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए हिंदू महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके उपरांत महापंचायत स्थगित कर दी गई।
वायरल वीडियो में आयुष मलिक वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा करते नजर आ रहे हैं। परिवार की ओर से भी पुष्टि की गई है कि उन्होंने पुनः सनातन परंपराओं को अपनाया है। देवराज मलिक ने कहा कि ईश्वर की कृपा, परिवार के स्नेह और पूर्वजों के संस्कारों के आशीर्वाद से उनके पुत्र ने पूजा-अर्चना, जप और धार्मिक आचरण का मार्ग स्वीकार किया है। उन्होंने इस दौरान सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया।
स्वामी यशवीर महाराज ने आयुष की घर वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि यह लंबे समय से चल रहे प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शामली प्रशासन का भी धन्यवाद दिया तथा कहा कि पूरा हिंदू समाज आयुष का स्वागत करेगा।
वहीं, पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने कहा कि आयुष की धार्मिक आस्था से जुड़ा निर्णय परिवार का निजी विषय है, जबकि धर्म परिवर्तन के आरोपों से संबंधित मुकदमे की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि चार जून को स्वामी यशवीर महाराज द्वारा इस प्रकरण को सार्वजनिक रूप से उठाए जाने के बाद मामला चर्चा में आया था। इसके पश्चात छह जून को देवराज मलिक की शिकायत पर चांदनी कुरैशी समेत कई नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना अभी भी जारी है।