50 करोड़ की सरकारी जमीन पर पुलिसकर्मियों का कब्जा, जांच में खुलासा
आगरा : सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का एक और मामला सामने आया है। एत्माद्दौला थाने के नजदीक करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर तीन पुलिसकर्मियों द्वारा कब्जा कर बहुमंजिला मकान बनाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों को देखकर आसपास के अन्य लोगों ने भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया। राजस्व विभाग की जांच में जमीन पर कब्जे की पुष्टि होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मामला रामबाग चौराहे से एत्माद्दौला थाने की ओर जाने वाले मार्ग का है। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक, मौजा चक हफ्तम, तहसील सदर के खसरा संख्या 392 में दर्ज करीब 9,650 वर्गमीटर भूमि सरकारी संपत्ति है। इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि पुलिसकर्मी भारती सिंह और महेश चंद्र यादव ने यहां मकान बनवा लिए हैं, जबकि प्रमोद गौतम द्वारा भी निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
मामले की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने 24 अक्टूबर को राजस्वकर्मियों की टीम गठित कर मौके पर जांच कराई। जांच के दौरान अवैध कब्जे की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल और नजूल मुहर्रिर ने कब्जा करने वालों के खिलाफ एत्माद्दौला थाने में तहरीर दी, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
कार्रवाई में देरी के चलते सरकारी जमीन के शेष हिस्से पर भी अवैध कब्जे की कोशिशें जारी हैं। वहीं, मामले में पुलिस अधिकारियों की चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है।
डीसीपी सिटी रवींद्र कुमार ने बताया कि उन्हें फिलहाल इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। यदि किसी पुलिसकर्मी ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया है तो जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, एसडीएम सदर सचिन राजपूत के अनुसार, लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस से कार्रवाई के लिए संपर्क किया गया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। आगे मिलने वाले निर्देशों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।